सच पर वार… शीशा टूटा, खून बहा — पर कलम झुकी नहीं
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही | 9 जनवरी 2026मैकल की पहाड़ियों पर उस शाम सिर्फ एक कार का शीशा नहीं टूटा था — टूटा था डर का भ्रम, और टकराया था सच, सत्ता और माफिया का घमंड। 8 जनवरी की ढलती शाम, जब जंगलों पर पड़ती सूरज की आखिरी सुनहरी किरणें शांत हो रही थीं, उसी वक्त धनौली गांव … Read more