रतनपुर/कोटा। नगर पंचायत कोटा के वार्ड 13 स्थित निरंजन केशरवानी कॉलेज, अमाली में 22 दिसंबर को प्रस्तावित मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड की कोलवाशरी परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में जबरदस्त विरोध शुरू हो गया है। अमाली सहित आसपास की पंचायतों ने जनसुनवाई से पहले ही परियोजना को रद्द करने की मांग उठाई है।


ग्रामीणों का आरोप है कि अमाली पेशा एक्ट के दायरे में आता है, इसके बावजूद ग्राम सभा की सहमति के बिना ही NOC जारी किया गया। पंचायत चुनाव के दौरान फर्जी तरीके से NOC लेने की बात भी सामने आने का दावा किया गया है।परियोजना की EIA रिपोर्ट में गंभीर त्रुटियों का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि कॉलेज, महामाया मंदिर, टाइगर रिजर्व व अन्य संवेदनशील स्थलों का सही उल्लेख नहीं किया गया है। कई घनी आबादी वाले गांवों को ‘कम घनत्व’ बताकर प्रस्तुत करने पर भी आपत्ति जताई गई है।ग्रामीणों ने वायु प्रदूषण, कृषि क्षति, स्वास्थ्य खतरे, जल–मिट्टी प्रदूषण और भारी वाहन संचालन से होने वाली परेशानियों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने साफ कहा कि कोलवाशरी खुलने से आजीविका और पर्यावरण पर सीधा संकट आएगा।


22 दिसंबर की जनसुनवाई में भारी विरोध की चेतावनी देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि वे बड़ी संख्या में पहुँचकर परियोजना का पुरजोर विरोध करेंगे।