बिलासपुर
शहर के नेहरू चौक में 17 फरवरी की रात हुई मारपीट और कथित चेन लूट की घटना अब राजनीतिक रंग लेती नजर आ रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावर युवकों के परिजनों में एक स्थानीय कांग्रेस नेता और एक आदतन अपराधी शामिल हैं, जिनके दबाव के चलते सिविल लाइन थाना पुलिस अब तक ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
जानकारी के अनुसार, सरकंडा निवासी अविनाश शर्मा अपने मौसी के घर से मौसी के पुत्र सिवान्स तिवारी को साथ लेकर चकरभाठा लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे नेहरू चौक पर 4-5 युवकों ने पीछे से आकर दोनों को स्कूटी से गिरा दिया और बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि मारपीट के दौरान एक युवक के गले की चेन भी छीन ली गई। जान बचाकर दोनों युवक सीधे सिविल लाइन थाना पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी।


पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों को लगभग दो घंटे तक थाने में बैठाया गया, लेकिन एफआईआर दर्ज करने के बजाय रात 12 बजे यह कहकर घर भेज दिया गया कि “जांच के बाद रिपोर्ट लिखी जाएगी।” घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मामला दर्ज नहीं होने से पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।


पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि मारपीट करने वाले युवकों के परिजनों में एक कांग्रेस नेता और एक आदतन अपराधी का नाम सामने आ रहा है। इन्हीं के दबाव में सिविल लाइन पुलिस कार्रवाई से बच रही है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
शहर में जहां उच्च पुलिस अधिकारी अपराध पर सख्ती के निर्देश दे रहे हैं, वहीं इस मामले में कार्रवाई में हो रही देरी से आम लोगों में नाराजगी है। अब निगाहें वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाते हैं या नहीं।