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December 1, 2025 5:07 am

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बीमा ने दिखाई उम्मीद की किरण: पिता की मौत के बाद टूट चुके किसान परिवार को ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा’ ने दिया सहारा, बैंक मैनेजर बने संकटमोचक

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Ravi Thakur

रतनपुर/कोटा।गरीबी, कर्ज और अचानक आई विपत्ति—ये तीनों मिलकर किसी भी परिवार को हिला देते हैं। लेकिन कभी-कभी एक छोटी-सी योजना, सही जानकारी और किसी ईमानदार अधिकारी की कोशिश किसी टूटे हुए परिवार की जिंदगी बदल देती है। ऐसा ही एक सच्चा और दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है ग्रामीण इलाके के किसान फूलसिंह जगत के परिवार का।

फूलसिंह जगत मेहनतकश किसान थे। खेत में दिन–रात पसीना बहाकर परिवार का पेट पालते थे। कुछ महीनों पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक शाखा रतनपुर से केसीसी योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण लिया था। परिवार को उम्मीद थी कि इस साल की फसल से उनका हालात सुधरेगा। पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था—अचानक एक दिन बीमारी ने फूलसिंह की सांसें छीन लीं और पूरा परिवार बिखर गया।

जमीन बंधक होने की खबर से टूट गया बेटा

समय बीता, और कुछ जरुरी काम के लिए जब बेटा तहसील पहुँचा बी-1, पी-2 निकलवाने, तभी उसे पता चला कि उसकी जमीन बैंक में बंधक है। यह सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पहले ही पिता खोने का दुख था, ऊपर से 1 लाख रुपये का कर्ज—परिवार फिर से कर्ज के बोझ में दबता नजर आ रहा था। फूलसिंह की पत्नी और बेटा उमेश कुमार जगत निराश और मायूस होकर बैंक पहुँचा। चेहरा उदासी से भरा हुआ, आँखों में चिंता साफ झलक रही थी।

मैनेजर ने बताया—“आपके फूलसिंह ने एक उम्मीद भी छोड़ी है…”

छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक शाखा रतनपुर के मैनेजर नवीन गुप्ता ने उसकी हालत देखकर उसे अपने कमरे में बुलाया और धीरे से कहा—
“बेटा, तुम्हारे पिता ने कर्ज के साथ प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा भी कराया था। उनकी मृत्यु के बाद इस योजना से 2 लाख रुपये की सहायता मिलती है।”यह सुनते ही बेटे की डबडबाई आंखें आश्चर्य से फैल गईं। मृतक किसान की पत्नी मिलापा बाई और उसके बेटे उमेश कुमार को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनके पति और पिता ने जाते–जाते परिवार के लिए एक सहारा भी छोड़ दिया है।

बीमा की राशि पहुंची और बदली जिंदगी

ग्रामीण बैंक प्रबंधक ने पूरी प्रक्रिया खुद पूरी करवाई। कुछ दिनों बाद 2 लाख रुपये बीमा की राशि किसान के खाते में आ गए।इस राशि से1 लाख रुपये कर्ज का भुगतान कर दिया गया 1 लाख रुपये परिवार की जरूरतों, उपचार और खेती के काम में लगे जो परिवार कुछ दिन पहले निराशा में डूबा था, आज उसके घर में फिर से मुस्कान लौट आई।

“ये पैसा हमारे लिए भगवान की मदद बनकर आया” — उमेश कुमार

राशि मिलने के बाद बेटे ने भावुक होकर कहा—
“हम गरीब लोग हैं। पिता भी चले गए, ऊपर से कर्ज… हमें पता ही नहीं था कि बीमा भी होता है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक शाखा रतनपुर के मैनेजर व छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक ग्राहक सेवा केंद्र BC अशोक ताम्रकार और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ने हमें बचा लिया। ये पैसा हमारे लिए भगवान की मदद जैसा है।”

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीख—

यह घटना बताती है कि सही योजना सही समय
और सही मार्गदर्शन गरीब परिवारों की किस्मत बदल सकते हैं। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा जैसी योजनाएँ सिर्फ कागज पर नहीं, बल्कि जिंदगी में उम्मीद की किरण बनकर सामने आती हैं।

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