रतनपुर / बिलासपुर ———-रतनपुर थाना क्षेत्र के भैसाझार जंगल में 37 वर्षीय सूर्या प्रकाश बघेल की निर्मम हत्या ने पूरे गांव, क्षेत्र और जिले को हिला कर रख दिया है। परिवार का सहारा माने जाने वाला यह युवक 3 दिसंबर को दोपहर में घर से निकला था, लेकिन शाम तक न लौटने पर परिजनों की बेचैनी बढ़ती चली गई। 4 दिसंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद उम्मीद थी कि पुलिस जल्द उसे ढूंढ निकालेगी, पर किसे पता था कि अगले ही दिन सुबह उनकी दुनिया ही उजड़ जाएगी।


जंगल में मिली लाश की स्थिति देखकर कोई भी सिहर उठे—चेहरा खून से लथपथ, शरीर पर चोटों के गहरे निशान और नृशंसता की पराकाष्ठा बताते घाव। ग्रामीणों का कहना है कि शव देखकर साफ अनुमान लगाया जा सकता है कि युवक की हत्या उसी दिन कर दी गई थी। मृतक की मोटरसाइकिल और हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी शव से कुछ दूरी पर मिला, जिससे घटनास्थल पर संघर्ष के संकेत मिलते हैं।


सूचना मिलते ही रतनपुर थाना प्रभारी ने जिले के आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई घंटे तक जंगल खंगाले गए, साक्ष्य जुटाए गए और हत्या की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की गई। लेकिन शव बरामद हुए 36 घंटे से अधिक हो चुके हैं और पुलिस अभी तक किसी ठोस सुराग तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे पूरे मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
गांव में मातम पसरा है, परिजनों की आंखें नम हैं और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अब यह हत्या जिले के आला अफसरों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है—क्योंकि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की साख का सवाल बन चुकी है।
लोगों की निगाहें अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला पूरी तरह से जिले की प्रतिष्ठा और पुलिस की कार्यकुशलता की परीक्षा बन चुका है।