जंगल में मिली लाश… क्षेत्र में दहशत… और रतनपुर पुलिस ने खोला सनसनीखेज भैसाझार हत्याकांड
पुरानी रंजिश बनी जानलेवा—भैसाझार जंगल हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
लोहे के पाइप और बेंत से की थी हत्या—तकनीकी सुरागों ने पकड़ा कातिल
48 घंटे की सघन जांच का नतीजा: भैसाझार हत्याकांड के दोनों आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
रतनपुर। भैसाझार जंगल में मिली सूर्या प्रकाश बघेल की लाश ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। 3 दिसंबर की दोपहर घर से निकला यह युवक अचानक गायब हो गया था, और 5 दिसंबर की सुबह उसकी लाश जंगल में खून से सनी हालत में मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। परिजन सदमे में थे, गांव में अफवाहों का बाजार गर्म था और पुलिस के सामने यह एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी कि आखिर भैसाझार के शांत जंगल में इस निर्मम हत्या को किसने और क्यों अंजाम दिया।
लगातार दबाव और ग्रामीणों में बढ़ती चिंता के बीच रतनपुर पुलिस ने तकनीकी संसाधनों, मोबाइल लोकेशन, संदिग्धों की गतिविधियों और घटनास्थल के साक्ष्यों को जोड़ते हुए मामले की जटिल गुत्थी को सुलझा लिया। पुलिस ने पुराने विवाद के एंगल पर फोकस कर दायरा सीमित किया और अंततः दो युवकों तक उसकी कड़ी जा पहुँची।
तकनीकी विश्लेषण ने खोला हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर रंजीत खांड्रे (23) और सुधीर खांड्रे (21), दोनों निवासी भैसाझार, को हिरासत में लिया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के सामने आने के बाद दोनों युवकों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपियों ने कबूल किया कि मृतक से पुराने विवाद के चलते उन्होंने गुस्से में उसकी हत्या की योजना बनाई थी।
लोहे के पाइप व बेंत से दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने मिलकर पहले सूर्या प्रकाश को जंगल की ओर बुलाया और मौका पाकर लोहे के पाइप व लकड़ी के बेंत से बेरहमी से हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपियों ने घटनास्थल से भागने में जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था, उसे भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
हत्या में प्रयुक्त हथियार भी झाड़ियों से बरामद किए गए हैं।
अन्य पहलुओं की भी जांच जारी
पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं—जैसे कि क्या हत्या में और कोई शामिल था? क्या योजना पहले से बनाई गई थी?—की भी जांच में जुटी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों की गतिविधियों का मिलान किया जा रहा है।
पूरी टीम का रहा सराहनीय योगदान
इस हत्याकांड का खुलासा रतनपुर थाना प्रभारी टीआई कमलेश कुमार बंजारे के निर्देशन में किया गया।,जांच में एसआई मैलाराम कटौतिया, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक नितिहर उईके,उनि. हेमंत आदित्य,प्रजाअ राहुल सिंह,आरक्षक आतिश पारिख, बलदेव सिंह, कोशल खुंटे,आरक्षक आकाश डोंगरे,तथा धीरज कश्यप, महादेव कुजूरे, तदवीर पोते,दीपक मरावी व प्रशांत सिंह का विशेष योगदान रहा।
रतनपुर पुलिस ने कम समय में हत्याकांड की गुत्थी सुलझाकर न केवल मृतक के परिजनों को न्याय की दिशा में उम्मीद दी है, बल्कि क्षेत्र में फैला भय भी काफी हद तक कम कर दिया है।