रतनपुर।
धार्मिक एवं पौराणिक नगरी रतनपुर स्थित माँ महामाया देवी का मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्ग के दोनों ओर वर्षों से प्रसाद, पूजा सामग्री, खिलौने, जनरल सामान एवं खान–पान की दुकानें संचालित हैं, जो श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं।


लेकिन हाल के दिनों में इन दुकानों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण ने गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। दुकानदार अपने-अपने प्रतिष्ठानों से बाहर निकलकर सड़क पर 10 से 15 फीट तक सामान फैलाकर दुकानें सजा रहे हैं। इसके चलते लगभग 20 फीट चौड़ी सड़क सिमटकर महज 10 फीट की रह गई है। परिणामस्वरूप दर्शनार्थियों के आवागमन में भारी दिक्कतें उत्पन्न हो रही हैं, विशेषकर भीड़ के समय हालात और भी विकट हो जाते हैं।


श्रद्धालुओं का कहना है कि दर्शन के लिए कतार में खड़े रहना, आने-जाने में जाम की स्थिति बनना तथा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अत्यधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार आपात स्थिति में रास्ता अवरुद्ध होने का खतरा भी बना रहता है।
मंदिर ट्रस्ट इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है, किंतु मार्ग के किनारे स्थित कुछ दुकानें ट्रस्ट के अधीन न होकर निजी व्यक्तियों की होने के कारण ट्रस्ट उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इस कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों व श्रद्धालुओं का मानना है कि इस गंभीर समस्या का समाधान केवल प्रशासनिक हस्तक्षेप से ही संभव है। यदि समय रहते अतिक्रमण हटाकर मार्ग को सुगम बनाया जाए, तो माँ महामाया के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु आस्था के साथ-साथ सुविधा और सुरक्षा का भी अनुभव कर सकेंगे।
अब आवश्यकता है कि प्रशासन संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाए, ताकि रतनपुर की धार्मिक गरिमा बनी रहे और श्रद्धालुओं को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।



