रतनपुर/बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और लोकजन की आस्था से जुड़े विराट मड़ई मेला उत्सव को आखिरकार वह मान्यता मिल ही गई, जिसका इंतजार वर्षों से था। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने इस ऐतिहासिक आयोजन को संवारने, संरक्षित करने और नई ऊर्जा देने के लिए 5 लाख रुपये के वार्षिक अनुदान को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है।


यादव समाज कल्याण समिति रतनपुर द्वारा पिछले 19 वर्षों से निष्ठा और परंपरा के साथ आयोजित किए जा रहे इस मेले में न केवल लोक कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि मेधावी छात्र–छात्राओं का सम्मान, लोक संस्कृति का संरक्षण और पीढ़ियों को जोड़ने का कार्य भी होता है। मंत्री यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि समाज के उत्साह, परंपरा की गरिमा और प्रतिभाओं के सम्मान को देखते हुए यह आयोजन सरकारी सहयोग का पात्र है।


उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 से इस मेले को मुख्य बजट मद में स्थायी रूप से शामिल करने की भी अनुशंसा की है, जिससे इस उत्सव का भविष्य और भी मजबूत हो सकेगा।स्थानीय लोगों और आयोजन समिति में इस निर्णय को लेकर खुशी की लहर है। उनका कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी परंपरा और हमारे सामूहिक गर्व को मिला सरकारी सम्मान है।
रतनपुर की धरती पर लोकसुरीलेपन, श्रद्धा और संस्कृति के इस अद्भुत संगम को अब नए पंख मिल गए हैं।