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January 26, 2026 5:12 am

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“कलेक्टर से पूछो “—केंदा चौकी प्रभारी के बयान ने बढ़ाए सवाल; पेंड्रा–रतनपुर रोड बना पशु क्रूरता का सुरक्षित रास्ता

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Ravi Thakur

पेंड्रा–रतनपुर मार्ग अवैध पशु परिवहन का ‘सुरक्षित कॉरिडोर’ बना, तीन–तीन चौकियों के बावजूद रोजाना क्रूरता का नंगा नाच

अवैध वसूली के आरोपों के बीच केंदा चौकी घिरी; पेंड्रा–रतनपुर रास्ता बना बकरा तस्करी का नया कॉरिडोर

रतनपुर/बिलासपुर
प्रदेश का पेंड्रा–रतनपुर मार्ग इन दिनों अवैध पशु परिवहन का ऐसा भयावह केंद्र बन चुका है, जहां हर दिन खुलेआम पशु क्रूरता की पराकाष्ठा देखने को मिलती है। सुबह और शाम पेंड्रा से रतनपुर की ओर निकलने वाली पिकअप व भारी गाड़ियाँ बकरियों से इस हद तक ठूंस-ठूंसकर भरी रहती हैं कि कई जानवरों का दम तक घुट जाता है। तेज रफ्तार से दौड़ते ये वाहन न तो किसी नियम का पालन करते हैं और न ही प्रशासनिक निगरानी का खौफ इनके चेहरों पर दिखाई देता है। पशु क्रूरता अधिनियम और परिवहन कानूनों की धज्जियाँ सरेआम उड़ाते इन वाहनों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मानो इस मार्ग पर कानून नाम की कोई व्यवस्था बची ही नहीं है।हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मार्ग में केंदा चौकी, बेलगहना चौकी और रतनपुर थाना—तीन–तीन सुरक्षा चौकियाँ मौजूद होने के बावजूद अवैध वाहन बेखौफ होकर रोजाना गुजर जाते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि चौकी में  प्रति गाड़ी 500 रुपये की कथित अवैध वसूली के बाद इन वाहनों को बिना किसी रोक-टोक के आगे बढ़ने दिया जाता है। लोगों का कहना है कि इस अवैध धंधे की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि यह वर्षों से लगातार फल-फूल रहा है और प्रशासनिक अनदेखी इसके विस्तार में बड़ी वजह बन गयी है ।

इसी बीच जब इस मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए  केंदा चौकी प्रभारी अशोक मिश्रा से सवाल किया गया तो उनका व्यवहार और जवाब दोनों ही और अधिक चौंकाने वाले रहे। मिश्रा  झल्लाते हुए बोले— “मैं तो वीआईपी ड्यूटी में आया हूँ, जाकर कलेक्टर से बयान लो, या कोटा चले जाओ—वहाँ बड़े अधिकारी बैठे हैं, वही देंगे बयान… मेरे से क्यों ले रहे हो?” जो कि मोबाईल में आन रिकार्ड है
प्रभारी का यह जवाब न केवल प्रशासनिक गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि यह भी तय करता है कि इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारों की भूमिका कितनी उदासीन और संवेदनहीन है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध कारोबार कोई नया नहीं, बल्कि वर्षों से जारी है। सवाल यह है कि जब मार्ग पर तीन सुरक्षा चौकियाँ तैनात हैं, तब भी यह अवैध और क्रूर परिवहन लगातार कैसे हो रहा है? आखिर प्रशासन कब जागेगा और कब तक जानवरों को इस अमानवीय कष्ट से गुजरना पड़ेगा?

कलेक्टर से लो बयान—–

मैं वीआईपी ड्यूटी पर हु आप कलेक्टर से लो बयान ये मामला आज का थोड़ी है लंबे समय से चल रहा है और चाहिए बयान तो कोटा में बड़े अधिकारी है उनसे लीजिये ।

अशोक मिश्रा
केंदा चौकी प्रभारी

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