कोनी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आर्म्स एक्ट के तहत भेजे गए जेल
कोनी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आर्म्स एक्ट के तहत भेजे गए जेल
बिलासपुर। शहर में कानून व्यवस्था भंग करने और आम नागरिकों में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कोनी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। थाना कोनी क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर धारदार लोहे का चाकू लहराकर राहगीरों को डराने-धमकाने वाले दो युवकों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल हुई है।


पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई माननीय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री गगन कुमार (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में की गई। जिले में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोनी पुलिस लगातार निगरानी एवं कार्रवाई कर रही है।
दिनांक 17 दिसंबर 2025 को थाना कोनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे बिरकोना रोड क्षेत्र में तथा दूसरा युवक तुर्काडीह पुल के पास, कोनी में धारदार चाकू लहराकर आने-जाने वाले लोगों को भयभीत कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर रवाना हुई और बताए गए स्थानों पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलेश सूर्यवंशी (24 वर्ष), निवासी पंडरीपार ग्राम घुटकु, थाना कोनी तथा अनुराग यादव (19 वर्ष), निवासी साईं मंदिर पानी टंकी के पास, बड़ी कोनी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से पृथक-पृथक गवाहों की उपस्थिति में धारदार लोहे का चाकू बरामद किया गया। आरोपियों द्वारा हथियार रखने संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर चाकू को विधिवत जप्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया।
इस संबंध में थाना कोनी में अपराध क्रमांक 594/2025 एवं 595/2025 के तहत धारा 25 व 27 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कोनी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अवैध कृत्य की जानकारी तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें। पुलिस का कहना है कि जनसहयोग से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।