बिलासपुर।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर एक बार फिर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के उल्लंघन को लेकर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। आरटीआई के तहत मांगी गई जांच संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध नहीं कराए जाने पर आवेदक ने प्रथम अपील दायर कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक द्वारा दिनांक 12 नवंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आरटीआई आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें एक विद्यालय से संबंधित जांच आदेश, जांच अधिकारी की नियुक्ति, शिक्षकों/प्राचार्य के बयान, प्रस्तुत दस्तावेज, जांच प्रतिवेदन सहित अन्य अभिलेखों की सत्यापित प्रतियां मांगी गई थीं। आरटीआई अधिनियम के तहत 30 दिवस की समय-सीमा पूर्ण होने के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा न तो पूरी जानकारी दी गई और न ही कोई ठोस जवाब प्रस्तुत किया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आवेदक ने संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग, बिलासपुर संभाग के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की है।
सूत्रों का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जानबूझकर जानकारी को रोके जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाती तो पारदर्शिता बनी रहती, लेकिन अब यह मामला जानकारी दबाने और प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा कर रहा है।अपील में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि संबंधित जन सूचना अधिकारी को निर्देशित कर सभी मांगी गई जानकारियों की प्रमाणित प्रतियां तत्काल उपलब्ध कराई जाएं तथा सूचना देने में की गई लापरवाही के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
यह प्रकरण शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है।